Hind Mahasagar Me Chota-Sa Hindustan Class 6 Summary
easyHind Mahasagar Me Chota-Sa Hindustan Class 6 Summary
हिन्द महासागर में छोटा-सा हिन्दुस्तान' एक यात्रावृत्तांत है जिसके लेखक रामधारी सिंह 'दिनकर' हैं। इन्होंने वीरता, उत्साह और देशप्रेम से परिपूर्ण रचनाओं का सृजन किया है। इनकी चर्चित पुस्तकें मिर्च का मज़ा, पढ़क्कू की सूझ और सूरज का ब्याह इत्यादि हैं।
नैरोबी (केन्या) का वर्णन
लेखक ने नैरोबी की यात्रा की। वह नेशनल पार्क घूमने गए। उन्होंने देखा कि शहर से बाहर बहुत बड़ा जंगल है जिसमें घास अधिक है और पेड़ बहुत कम हैं। सभी जगह अच्छी सड़कें हैं जहाँ पर पर्यटकों की गाड़ियाँ दौड़ती नज़र आती हैं। उन्होंने देखा कि उन गाड़ियों पर तरह-तरह के बंदर और लंगूर चढ़े हुए हैं। सात-आठ सिंह भी सोए हुए थे। सोते हुए सिंहों को पर्यटक अपनी गाड़ियों को रोककर देख रहे थे। कुछ मील भर की दूरी पर उन्होंने हिरनों का झुंड देखा।
मॉरिशस का वर्णन
लेखक बी. ओ. ए. सी जहाज से मॉरिशस पहुँचे। उन्होंने बताया है कि मॉरिशस द्वीप भूमध्य रेखा से कोई बीस डिग्री दक्खिन और देशांतर रेखा 60 के बिल्कुल पास है। इसकी लंबाई 29 मील और चौड़ाई लगभग 30 मील है। यह द्वीप हिंद महासागर का मोती है। यहाँ की जनसंख्या के 67% लोग भारतीय हैं तथा 53% लोग हिन्दू हैं। चूँकि यहाँ के हिन्दुओं में से अधिकांश बिहार और उत्तर प्रदेश के लोग हैं। यहाँ की राजभाषा अंग्रेज़ी है। जनता क्रोयोल भाषा बोलती है। मॉरिशस कृषि प्रधान द्वीप है। चीनी यहाँ का प्रमुख अथवा एकमात्र उद्योग है। भारत के पर्व भी मॉरिशस में प्रचलित हैं। शिवरात्रि के समय यहाँ के हिन्दू श्वेत वस्त्र धारण करके कंधों पर काँवर लिए जुलूस बाँधकर परी तालाब पर जाते हैं और जलभर अपने गाँव लौट जाते हैं।
शब्दार्थ
- ठहरने - रुकने
- सर्वत्र - सभी जगह
- तुच्छातितुच्छ - अधिक से अधिक निकृष्ट या अधिक से अधिक छोटा
- चौकन्ने - सावधान, सजग होना।