Satriya Aur Bihu Nritya Class 6 Summary
easySatriya Aur Bihu Nritya Class 6 Summary
इस पाठ में भारत की रंग-बिरंगी सुंदर, प्राचीन और जीवन से भरी संस्कृति का वर्णन किया है। भारत के प्रत्येक स्थान के नृत्य, संगीत, कला, रहन-सहन इत्यादि का भी वर्णन किया है।
एंजेला और उसके मित्र
एंजेला लंदन के केंजिंग्टन में रहती थी। उसके सगे भाई-बहन नहीं थे। वह अधिकतर समय जेम्स और कीरा नामक दोस्तों के साथ व्यतीत करती थी। वे ऐसा काल्पनिक खेल खेलते जिसमें दूर-दराज़ की दुनिया का जिक्र हो।
एंजेला की माँ का वर्णन
एंजेला की माँ का नाम एलेसेंड्रा था जो एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म निर्माता थीं। उन्हें लंदन की ब्रिटिश अकादमी से असम की नृत्य परम्परा पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए वित्तीय मदद दी गई थी।
एंजेला का भारत में आगमन और बिहू त्योहार
यात्रा के दौरान माँ ने एंजेला को असम की खूबसूरती के बारे में कुछ बातें बताई थीं। असम, भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में है, जिसे अपने वन्य जीवन, रेशम और चाय के बागानों के लिए जाना जाता है। एलेसेंड्रा (एंजेला की माँ) की डॉक्यूमेंट्री के केन्द्र में असम के जनजीवन में नृत्य के महत्त्व को तलाशना था। असम में वसंत के आने की खुशी में 'बिहू' त्योहार मनाया जाता है। यह कृषि आधारित त्योहार है। यह साल में तीन बार मनाया जाता है। एंजेला ने देखा कि लड़कों ने वाद्ययंत्र ले रखे हैं और लड़कियों ने लाल और बादामी रंग की गहरी डिजाइन वाली खूबसूरत पोशाक पहन रखी है। वे मौज-मस्ती में नृत्य में खोए हुए हैं।
उत्तरी असम की झलक
उत्तरी असम की तरफ़ मठों की पीठ है। जब वे 'दक्षिणापथ सत्र' पहुँचे तब उनकी मुलाकात रीना सेन से हुई जो लेखिका थीं। रीना की बेटी अनु थी। अनु और एंजिला की दोस्ती हो गई। माँ ने एंजिला को बताया कि बींसवीं शताब्दी के मध्य में कुछ साधु मठों द्वारा पुरुषों और महिलाओं को सत्रिया नृत्यु सिखाया गया। अत: वापस लौटने के पश्चात् वह अपनी सभी रिकॉर्डिंग्स देखती है तथा माँ को भी दिखाती है। उसने सभी को असम की खूबसूरती की झलक दिखाई।
शब्दार्थ
- सच - सत्य
- मदद - सहायता
- वक़्त - समय
- अनुमति - स्वीकृति या इज़ाज़त
- योजना - कार्य करने की रूपरेखा
- खुशी - प्रसन्नता
- खूबसूरती - सुन्दरता