Haar Ki Jeet Class 6 Summary
easyHaar Ki Jeet Class 6 Summary
इस पाठ में तीन मुख्य पात्र घोड़ा, खड्गसिंह और बाबा भारती हैं। घोड़ा बहुत सुंदर और बलवान था। बाबा भारती मंदिर में रहकर घोड़े के साथ अपना जीवनयापन करते थे। एक दिन खड्ग सिंह डाकू ने घोड़े की प्रसिद्धि के बारे में सुना तो उसे देखने बाबा भारती के पास आ गया। वह घोड़े की सुन्दरता को देखकर आश्चर्यचकित रह गया। उसने सोचा, ऐसा घोड़ा उसके पास होना चाहिए। उसने बाबा से कहा कि वह घोड़े को चुराकर ले जाएगा। बाबा भारती इस बात से डर गए। कई दिनों तक पहरा भी दिया, लेकिन डाकू खड्ग सिंह न आया। अब बाबा भी निश्चिंत हो गए। एक दिन बाबा भारती सुलतान नामक घोड़े की पीठ पर सवार होकर घूमने जा रहे थे तभी एक अपाहिज ने उन्हें रोका और रामावाला से तीन मील दूर दुर्गादत्त वैद्य के यहाँ ले जाने के लिए कहा। जब बाबा ने उसे घोड़े पर बैठाया तो उसने लगाम पकड़कर धीरे से खींच ली। वह अपाहिज नहीं था, डाकू था। तब बाबा ने कहा कि वह किसी को न बताए कि उसने यह घोड़ा गरीब अपाहिज बनकर लिया है। तब यह बात सुनकर डाकू को बुरा लगता है। वह रात को मन्दिर में ही घोड़े को बाँध जाता है। सुबह जब बाबा भारती उठते हैं तो अपने घोड़े को देखकर प्रसन्न हो जाते हैं।
शब्दार्थ
- आनंद - उल्लास, हर्ष, खुशी
- अर्पण - सौंपना, भेंट करना
- प्रसन्न - खुश
- संध्या - शाम
- कीर्ति - प्रसिद्धि
- अंकित - चिन्हित
- अभिलाषा - इच्छा
- आश्चर्य - ताज्जुब, अचम्भा
- अधीरता - व्याकुलता, बेचैनी।