Maiya Main Nahin Makhan Khayo Class 6 Summary
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Maiya Main Nahin Makhan Khayo Class 6 Summary
‘मैया मैं नहिं माखन खायो' सूरदास कृत है। इनका जन्म 15वीं शताब्दी में हुआ। इन्होंने अपना अधिकांश जीवन मथुरा, गोवर्धन सहित ब्रज के क्षेत्रों में व्यतीत किया। यह श्री कृष्ण के गुणगान में भजन गाया करते थे। इन्होंने इस पाठ में श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का मनोहारी वर्णन किया है। श्री कृष्ण स्वयं को माखन चोर की श्रेणी में नहीं रखते हैं इसलिए वह माता से कहते हैं कि उन्होंने मक्खन नहीं खाया है। मक्खन ज़बरन उनके मुख से लिपट गया है। ये सब बातें माता के मन को मोहित करती हैं।
शब्दार्थ
- माखन - मक्खन
- मैया - माता
- भोर - सुबह
- गैयन - गाय
- साँझ - शाम
- बहियन - भुजाएँ
- भोरी - भोली
- जिय - हृदय।